युवाओं में बढ़ती आर्थिक चिंताएं: मानसिक स्वास्थ्य पर क्या असर डालती हैं?
तनाव एक जीवन का ऐसा सच है जो बुजुर्गों और युवाओं दोनों को प्रभावित करता है। आज के समय में तनाव के कई
तनाव एक जीवन का ऐसा सच है जो बुजुर्गों और युवाओं दोनों को प्रभावित करता है। आज के समय में तनाव के कई
माइंडसेट एक व्यक्ति की सोच और विश्वासों का वह तरीका है, जो उनकी आदतों और धारणाओं पर आधारित होता है। ये धारणाएँ पहले
मेगालोफोबिया एक प्रकार का चिंता विकार (anxiety disorder) है, जिसमें व्यक्ति को बड़े आकार की चीजों से बहुत ज्यादा डर लगता है। जिस
मनुष्य भ्रम और वास्तविकता के बीच फंसा रहता है। उसका मन अपने विचारों और कल्पनाओं की दुनिया में रहता है, जबकि शारीरिक रूप
आज के डिजिटल युग में रिश्ते भी डिजिटल बन गए हैं। जितनी जल्दी बनते हैं, उतनी ही जल्दी टूट भी जाते हैं। पहले
जोड़ा परामर्श (Couples Counselling) जिसे शादी परामर्श या युगल थेरेपी भी कहा जाता है, एक प्रकार की मानसिक चिकित्सा है जो पार्टनरों को
जेनरेशन ज़ी (1997 से 2012 के बीच जन्मे लोग) और तेज़-रफ़्तार ज़िंदगी जीने वाले अन्य लोगों के लिए मानसिक सेहत, शारीरिक तंदुरुस्ती और
जीवन में निराशा का अनुभव होना एक ऐसा सामान्य और अपरिहार्य हिस्सा है, जिससे हर व्यक्ति कभी न कभी अवश्य गुजरता है। यह
काकोफोबिया एक दुर्लभ लेकिन गंभीर प्रकार का फोबिया है, जिसमें व्यक्ति को “बदसूरत चीज़ों” या “कुरूपता” से अत्यधिक और तर्कहीन डर लगता है।
जलवायु परिवर्तन एक ऐसी वैश्विक समस्या है, जिसने न केवल हमारे पर्यावरण को प्रभावित किया है, बल्कि हमारे मानसिक स्वास्थ्य पर भी गहरा